बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा विधानसभा से बीएपी (भारत आदिवासी पार्टी) विधायक जयकृष्ण पटेल पर फर्जी डिग्री के मामले में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने जयपुर में मुकदमा दर्ज कर लिया है। विधायक पटेल पर आरोप है कि उन्होंने एक ही शैक्षणिक सत्र में देश के तीन अलग-अलग राज्यों से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और इसी फर्जी दस्तावेज के दम पर शिक्षक की सरकारी नौकरी हथिया ली। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि विधायक के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसकी अब विस्तृत जांच की जा रही है।

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती के दौरान जमा कराई गई डिग्रियों का बारीकी से सत्यापन शुरू किया। जब जांच की आंच जयकृष्ण पटेल तक पहुंचने लगी, तो पकड़े जाने के डर से उन्होंने साल 2023 में अपने शिक्षक पद से आनन-फानन में इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, इस्तीफा देने से पहले वह पूरे 5 साल तक सरकारी शिक्षक के रूप में सरकार से मोटी सैलरी उठाते रहे।

जांच में सामने आया है कि पटेल ने मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी (उदयपुर) से रेगुलर छात्र के तौर पर बीए में दाखिला लिया था, लेकिन इसी दौरान उन्होंने चालाकी दिखाते हुए उसी साल सिक्किम की 'ईआईआईएलएम यूनिवर्सिटी' और गुजरात से भी बीए की डिग्रियां हासिल कर लीं। एक ही समय में तीन अलग-अलग राज्यों से रेगुलर और अन्य माध्यमों से डिग्री लेना पूरी तरह गैरकानूनी है। वैसे यह पहली बार नहीं है जब विधायक पटेल कानून के शिकंजे में आए हों, इससे पहले भी वे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के जाल में फंस चुके हैं और उनके खिलाफ वह मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है। अब एसओजी के इस नए मुकदमे ने उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा दी हैं।