बांसवाड़ा जिले के अरथुना थाने से खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां थाना प्रभारी विनोद मीणा और अन्य पुलिसकर्मियों पर एक युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। अरथुना निवासी पीड़ित जितेंद्र सेवक ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता जितेंद्र सेवक का आरोप है कि बीते दिनों दौसा पुलिस के कुछ जवानों के साथ आए अरथुना पुलिसकर्मियों ने उसे डूंगरपुर स्थित जैन मंदिर से बिना किसी वजह के अचानक उठा लिया। इसके बाद पुलिस उसे जबरन अरथुना थाने लेकर आई, जहां उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। पीड़ित का कहना है कि पुलिस उसके भाई जिगर की तलाश कर रही थी, जिस पर किसी युवती को भगाकर ले जाने का शक है। जितेंद्र ने पुलिस को साफ बताया कि उसे अपने भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उसकी एक न सुनी।

थाने के भीतर हुए जुल्म की दास्तान बयां करते हुए पीड़ित ने आरोप लगाया कि थानाधिकारी के शह पर पुलिसकर्मियों ने  पट्टे व डंडों से उसे  पीटा। इस दौरान उसके साथ जमकर गाली-गलौज भी की गई।

इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित ने अब एसपी सहित आईजी, डीजीपी और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। वहीं दूसरी ओर, इस गंभीर मामले और आरोपों को लेकर पुलिस विभाग की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।