बांसवाड़ा जिले के परतापुर नगरपालिका क्षेत्र में प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही की एक बानगी सामने आई है। नगरपालिका द्वारा करीब 6 साल पहले क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा के लिए बनाया गया सार्वजनिक पार्क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी इस पार्क का आधिकारिक उद्घाटन तक नहीं हो सका है, और उससे पहले ही यह परिसर पूरी तरह जर्जर और बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है।
पार्क की मौजूदा स्थिति स्थानीय प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है। यहां आमजन की सेहत और फिटनेस के लिए जो ओपन जिम स्थापित किया गया था, वह देखरेख के अभाव में अब पूरी तरह खराब हो चुका है। पार्क परिसर में रोशनी के लिए लगाई गई लाइटें भी लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे शाम ढलते ही यहां अंधेरा छा जाता है। नियमित रखवाली और साफ-सफाई न होने के कारण पूरे पार्क में बड़ी-बड़ी घास और जंगली झाड़ियाँ उग आई हैं, जबकि वॉक करने के लिए लगाई गई टाइल्स भी जगह-जगह से उखड़ और टूट चुकी हैं। इसके अलावा, पार्क के अंदर और चारों तरफ कचरे तथा निर्माण मलबे के ढेर लगे हुए हैं।
इस पार्क में रोजाना सुबह-शाम टहलने और योग-कसरत के लिए आने वाले स्थानीय नागरिकों, युवाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मॉर्निंग वॉकर्स का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसों से बने इस सार्वजनिक स्थल की उपेक्षा प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है। स्थानीय लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस पार्क का शीघ्र कायाकल्प किया जाए, मलबे और कचरे को हटवाकर उपकरणों की मरम्मत कराई जाए, अन्यथा वे इसे लेकर कड़ा विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
पार्क की मौजूदा स्थिति स्थानीय प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है। यहां आमजन की सेहत और फिटनेस के लिए जो ओपन जिम स्थापित किया गया था, वह देखरेख के अभाव में अब पूरी तरह खराब हो चुका है। पार्क परिसर में रोशनी के लिए लगाई गई लाइटें भी लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे शाम ढलते ही यहां अंधेरा छा जाता है। नियमित रखवाली और साफ-सफाई न होने के कारण पूरे पार्क में बड़ी-बड़ी घास और जंगली झाड़ियाँ उग आई हैं, जबकि वॉक करने के लिए लगाई गई टाइल्स भी जगह-जगह से उखड़ और टूट चुकी हैं। इसके अलावा, पार्क के अंदर और चारों तरफ कचरे तथा निर्माण मलबे के ढेर लगे हुए हैं।
इस पार्क में रोजाना सुबह-शाम टहलने और योग-कसरत के लिए आने वाले स्थानीय नागरिकों, युवाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मॉर्निंग वॉकर्स का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसों से बने इस सार्वजनिक स्थल की उपेक्षा प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है। स्थानीय लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस पार्क का शीघ्र कायाकल्प किया जाए, मलबे और कचरे को हटवाकर उपकरणों की मरम्मत कराई जाए, अन्यथा वे इसे लेकर कड़ा विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
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